संग्रह के कलाकार
Ján Mudroch
1909 सोतिना (सेनित्सा)–1968 ब्रातिस्लावा
यान मुद्रोख (Ján Mudroch) ब्रातिस्लावा की ललित कला अकादमी (VŠVU) के पहले रेक्टर और ऐसे चित्रकार थे, जिनके युद्धकालीन कैनवास स्लोवाक आधुनिकतावाद के शिखरों में गिने जाते हैं। सेनित्सा के निकट सोतिना में जन्मे मुद्रोख ने ब्रातिस्लावा में गुस्ताव माली (Gustáv Mallý) के पास, प्राग में आर्नोश्त होफ़बाउएर (Arnošt Hofbauer) के पास और 1931 – 1937 के वर्षों में प्राग अकादमी में याकुब ओब्रोव्स्की (Jakub Obrovský) तथा विली नोवाक (Willi Nowak) के पास अध्ययन किया, जहाँ वे 1909 की पीढ़ी के अग्रणी व्यक्तित्वों में से एक बने। लौटकर उन्होंने ब्रातिस्लावा के कला-शिल्प विद्यालय में पढ़ाया, 1945 में “29 अगस्त” ललित कलाकार समूह की सह-स्थापना की और 1950 – 1952 के वर्षों में नवस्थापित VŠVU के पहले रेक्टर के रूप में उसका नेतृत्व किया; स्लोवाक राष्ट्रीय गैलरी की स्थापना में भी उनकी भूमिका रही।
सामाजिक सरोकार वाले, उदास चित्रों (“मारा गया कवि”, “आपदा”) से वे अतियथार्थवाद की निकटता से होते हुए मातृत्व और पुष्प-स्थिरचित्रों (स्टिल लाइफ़) के काव्यात्मक यथार्थवाद तक पहुँचे। वे “सम्मानित कलाकार” बने और 1968 में मरणोपरांत “राष्ट्रीय कलाकार”; उनकी कृतियाँ स्लोवाक राष्ट्रीय गैलरी, प्राग की राष्ट्रीय गैलरी और कोशिце के पूर्वी स्लोवाक संग्रहालय के स्वामित्व में हैं।
इस कलाकार की कृतियाँ इस समय हमारे पास बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं हैं।