संग्रह के कलाकार
Július Jakoby
1903 कोशित्से–1985 कोशित्से
यूलियुस याकोबी (Július Jakoby) — कोशित्से (Košice) के एकाकी कलाकार, जिन्होंने जीवन भर अपने शहर और उसके लोगों को चित्रित किया। उन्होंने एउगेन क्रोन (Eugen Krón) के निजी चित्रकला एवं ग्राफ़िक विद्यालय (1923 – 1926) में और 1926 – 1928 में बुडापेस्ट की ललित कला अकादमी में इश्त्वान रेती (István Réti) के अधीन शिक्षा पाई; दो वर्ष बाद वे कोशित्से लौट आए और फिर उसे कभी नहीं छोड़ा। 1934 में उन्हें चित्र “लेटी हुई नग्न स्त्री” (Ležiaci ženský akt) के लिए कोशित्से नगर पुरस्कार मिला।
उनकी आरंभिक कृतियाँ सामाजिक सरोकार वाली हैं, जिनमें विद्रूप (ग्रोटेस्क) और व्यंग्यात्मक स्वर है (“क्रोम्पाखी का बेरोज़गार मज़दूर”, “भय”); बाद में रंग और मुक्त, सहज तूलिका-लेखन हावी हो जाता है (“सर्कस”)। 1968 में उन्हें “सम्मानित कलाकार” (zaslúžilý umelec) की उपाधि मिली; उनकी कृतियाँ स्लोवाक राष्ट्रीय गैलरी, प्राग की राष्ट्रीय गैलरी और हंगेरियन राष्ट्रीय गैलरी में हैं, और सबसे बड़ा संग्रह कोशित्से की पूर्वी स्लोवाक गैलरी (Východoslovenská galéria) में है, जहाँ शहर के केंद्र में उनकी प्रतिमा खड़ी है।
इस कलाकार की कृतियाँ इस समय हमारे पास बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं हैं।