संग्रह के कलाकार
Lőrinc Csallóközi Farkas
1898 लाक्साकाल्लाश (सोकोल्त्से)–1973 बुडापेस्ट
ग्रामीण जीवन के हंगेरियन चित्रकार लोरिन्त्स चल्लोकोज़ी फ़र्कश (Lőrinc Csallóközi Farkas) का जन्म ज़ित्नी ओस्त्रोव द्वीप के लाक्साकाल्लाश (Lakszakállas, आज सोकोल्त्से) में हुआ; वे तीन बड़े नामों के शिष्य रहे — बुडापेस्ट ललित कला अकादमी में उन्हें कारोय फ़ेरेन्त्सी (Károly Ferenczy), तिवदार ज़ेम्प्लेनी (Tivadar Zemplényi) और इम्रे रेवेस (Imre Révész) ने मार्गदर्शन दिया, और सृजनात्मक रूप से वे नाग्यबान्या (Nagybánya) और केचकेमेत (Kecskemét) की कलाकार-कॉलोनियों से होकर गुज़रे। 1927 में उन्होंने ग्युला (Gyula) में कलाकार-कॉलोनी के आयोजन में भाग लिया; 1918 से वे बुडापेस्ट के म्यूचारनोक (Műcsarnok) में प्रदर्शनी करते रहे। उनके लोकजीवन-दृश्य और भूदृश्य हंगेरियन राष्ट्रीय गैलरी और न्यूरेमबर्ग का जर्मन राष्ट्रीय संग्रहालय सँजोए हुए हैं — और हमारे संग्रह की “पनचक्की के पास कपड़े धोती स्त्रियाँ” ठीक इसी ग्रामीण संसार से संबंधित है।