संग्रह के कलाकार
Vojtech (Béla) Marx
1885 ब्रातिस्लावा–1963 वियना
ब्रातिस्लावा के मूल निवासी वोयतेख (बेला) मार्क्स (Vojtech [Béla] Marx; जन्म 23 अगस्त 1885) ने जीवन का अंतिम चरण वियना में बिताया, जहाँ 1963 में उनका निधन हुआ। चित्रकला तक वे असामान्य रूप से विविध राह से पहुँचे: ब्रातिस्लावा के उच्च जिम्नेज़ियम में प्रोफ़ेसर आयरर (Eierer) ने उनकी नींव रखी, रंगमंच-चित्रकार का हुनर उन्होंने जी. विंटरश्टाइनर (G. Wintersteiner) की कार्यशाला में और बाद में वियना के प्रोफ़ेसर श्ट्रेब्लो (Streblow) के पास सीखा, तथा शिक्षण-प्रशिक्षण उन्होंने बुडापेस्ट के चित्रकला-शिक्षक प्रशिक्षण विद्यालय में प्रोफ़ेसर ज़ेम्प्लेनी (Zemplényi) से प्राप्त किया। इसके साथ ही वे कला-इतिहास में लगे रहे और वियना में प्रोफ़ेसर शेफ़र (Schäffer) के पास चित्रों के जीर्णोद्धार और संरक्षण का प्रशिक्षण लिया।
जीर्णोद्धार का काम उन्हें दो वर्षों के लिए बर्लिन, कोलोन और हैम्बर्ग ले गया, और उन्होंने बोहेमिया तथा मोराविया में भी काम किया। 1919 और 1945 के बीच वे ब्रातिस्लावा में रहे और सृजनरत रहे, शेष जीवन उन्होंने वियना में बिताया; इटली और मिस्र की अध्ययन-यात्राओं से उन्होंने अपनी दृष्टि का विस्तार किया। उनकी चित्रकला का केंद्र भूदृश्य, वास्तुकला और पुराने ब्रातिस्लावा के लुप्त होते कोने थे — ब्रातिस्लावा नगर गैलरी उनके पूरे 46 तैलचित्रों की देखरेख करती है, जो ऐतिहासिक शहर के स्वरूप को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखते हैं।
साहित्य: त्रोयानोवा (Trojanová): Hľadanie slohu (Umenie okolo 1900), ब्रातिस्लावा नगर गैलरी 1980; ओर्तवाय, टी. (Ortvay, T.): Pozsony város utcái és terei, बुडापेस्ट 1905, पृ. 339।