संग्रह के कलाकार
Imro Weiner-Kráľ
1901 पोवाझस्का बिस्त्रित्सा–1978 ब्रातिस्लावा
स्लोवाक अतियथार्थवाद के पहले और सबसे मौलिक प्रतिनिधि — और ऐसे चित्रकार, जिनका जीवन-वृत्त किसी उपन्यास जैसा है। प्राग, डसेलडोर्फ़, बर्लिन और पेरिस की अकादमियों में अध्ययन के बाद उन्होंने 1936 में फ़्रांतिशेक माली (František Malý) के साथ मिलकर स्लोवाकिया की पहली अतियथार्थवादी प्रदर्शनी आयोजित की। देश छोड़ने के बाद पेरिस में वे दस्तावेज़ों की जालसाज़ी के ज़रिए फ़ासीवाद-विरोधी प्रतिरोध में शामिल हुए, जिसके लिए फ़्रांस ने 1947 में उन्हें अलंकरण से सम्मानित किया।
लौटने के बाद कम्युनिस्ट शासन ने 1951 में उन्हें क़ैद कर लिया — पर क़ैद में भी उन्होंने पैंतालीस चित्र बना डाले। स्वप्निल बिंब-विधान, स्लोवाक ग्रामीण अंचल के दृश्यों और चित्र-शृंखला “यहूदी गली” — लुप्त हो चुके एक संसार की शोकगाथा — के ज़रिए उन्होंने इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया। हमारे संग्रह का जलरंग चित्र “पर्वतीय लैंडस्केप” उनकी संवेदनशील लैंडस्केप-शैली को दर्शाता है।