संग्रह के कलाकार
Jozef Teodor Mousson
1887 होग्येस–1946 त्रेन्चीन
“ज़ेम्प्लीन के सूर्य और उसके लोगों का चित्रकार।” हंगरी के होग्येस (Hőgyész) में जन्मे योज़ेफ़ तेओदोर मूसोन (Jozef Teodor Mousson) ने बुडापेस्ट ललित कला अकादमी में एदुआर्द बल्लो (Eduard Balló) के अधीन अध्ययन किया (1905 – 1909), म्यूवेसहाज़ (Művészház) संघ की छात्रवृत्ति और नाग्यबान्या (Nagybánya) की कलाकार-कॉलोनी से होकर गुज़रे — और 1911 में मिखालोव्त्से (Michalovce) में बस गए, जिसके प्रति वे तैंतीस वर्षों तक निष्ठावान रहे। 1931 से वे ह्रादोक (Hrádok) के उस विला में सृजनरत रहे, जो उन्हें काउंट स्ताराय (Sztáray) ने किराये पर दिया था।
उनका प्रकाशवादी (ल्यूमिनिस्ट) प्लेन-एयर चित्रण बाज़ारों, गिरजाघरों के पर्व-मेलों और कृषक-जीवन की ऐंद्रिय, सुखवादी चित्रकला में विकसित हुआ — “लाबोरेत्स नदी पर जल का अभिषेक” (1922) या “पत्तागोभी की गाड़ियाँ” (1925) जैसे धूप से नहाए कैनवास आज मिखालोव्त्से का ज़ेम्प्लीन संग्रहालय सँजोए हुए है। हमारा दृश्य “पार्क में” ठीक इसी प्रकाशमय संसार का हिस्सा है।