संग्रह के कलाकार
Salvador de Zenarro
1761–1793 में प्रलेखित, मैड्रिड
स्पेनी दरबार के शाही बंदूकसाज़ — और 18वीं सदी के मैड्रिड बंदूकसाज़ी स्कूल के बड़े नामों में से एक। बास्क प्रदेश के बारिनागा (Barrinaga) में जन्मे सल्वादोर दे सेनारो (Salvador de Zenarro) ने मैड्रिड में होआकीन दे सेलाया (Joaquín de Celaya) से अपना हुनर सीखा; 1761 में राजा कार्लोस तृतीय (Carlos III) ने उन्हें मानद और एक वर्ष बाद नियमित शाही बंदूकसाज़ नियुक्त किया। राजा उनकी कला को इतना महत्व देते थे कि उन्होंने माँग की कि वे मिगेल दे सेगारा (Miguel de Cegarra) के साथ मिलकर एक आर्केबस सीधे उनके और राजकुमारों के सामने बनाएँ।
उन्होंने इस शिल्प के चार उत्तराधिकारी तैयार किए और अपने हथियारों को लॉक, नली के कक्ष (ब्रीच) तथा ट्रिगर-गार्ड पर चिह्नित करते थे। उनका निधन 31 जुलाई 1793 को हुआ; उनकी विधवा को उनके मुहर-औज़ार मैड्रिड के शाही महल के शाही शस्त्रागार रेआल आर्मेरिया (Real Armería) को लौटाने पड़े, जहाँ मैड्रिड के उस्तादों की कृतियाँ आज तक सँजोई जाती हैं। मिकेलेट लॉक वाली हमारी शिकारी आर्केबस इस दरबारी परंपरा का एक दुर्लभ प्रमाण है।