संग्रह के कलाकार
Ľudovít Csordák
1864 कोशित्से–1937 कोशित्से
कोशित्से आधुनिकतावाद के सह-संस्थापक और पूर्वी स्लोवाकिया के सबसे परिष्कृत भूदृश्य-चित्रकारों में से एक। पोलिश-यूक्रेनी मूल के एक दर्ज़ी परिवार में कोशित्से में जन्मे ल्युदोवीत चोर्दाक (Ľudovít Csordák) मेल्त्सेर (Melczer) परिवार की बैरोनेसों के संरक्षण की बदौलत अध्ययन के लिए म्यूनिख और अंततः प्राग अकादमी (1889 – 1895) में यूलियुस मार्झाक (Julius Mařák) की प्रसिद्ध भूदृश्य-चित्रण शाला तक पहुँचे; 1895 में ही वे मानेस (Mánes) संघ के सदस्य बने और 1907 में बुडापेस्ट के नेम्ज़ेती सालोन (Nemzeti Szalon) के संस्थापक-सदस्य।
जीवन भर वे तेल, पेस्टल और चारकोल में वन के भीतरी दृश्यों, पेड़ों के बीच की खुली जगहों और दुर्ग-खंडहरों की ओर लौटते रहे; प्राग की प्रदर्शनी “मार्झाक और उनके शिष्य” (1929) ने उन्हें व्यापक मान्यता दिलाई। नीलामियों में उनकी कृतियाँ हज़ारों यूरो तक पहुँचती हैं — रिकॉर्ड 9,100 € की कीमत के साथ “शरद ऋतु का भूदृश्य” के नाम है। हमारे संग्रह का पेस्टल “चरागाह से वापसी” ठीक इसी गीतात्मक भाव-भूमि का प्रतिनिधित्व करता है।